Download शीर्षक: एक पुरानी और अद्भुत किताब का सफर: वनफूल की 'शिकारी'
मैंने बहुत दिनों बाद अपने ब्लॉग पर कुछ अपलोड करने की हिम्मत जुटाई है। पहले सवाल यह था कि आखिर क्या अपलोड किया जाए? तभी मेरी नज़र एक पुराने और अद्भुत नॉवेल पर पड़ी। 130 पेज की इस किताब को स्कैन करना बहुत मुश्किल लग रहा था, इसलिए मैंने मोबाइल से फोटो खींचकर अपलोड करने का मन बनाया। पर सच कहूँ तो यह काम जितना आसान लग रहा था, उतना था नहीं! हर पेज की फोटो खींचना, उसे कंप्यूटर में डालना, और फिर पेज नंबर के हिसाब से अरेंज करना एक बड़ा सिरदर्द था। पर आखिरकार मैंने यह कर दिखाया और अब यह अनमोल किताब आप सबके लिए यहाँ हाज़िर है।
यह किताब सच में इस मेहनत के लायक है। यह नॉवेल महान साहित्यकार 'वनफूल' का है, जो रवीन्द्र, शरत् और बंकिमचन्द्र के बाद बंगला-साहित्य को अपनी प्रतिभा से समृद्ध करने वाले अग्रणी साहित्यकारों में गिने जाते हैं। 'वनफूल' हिन्दी पाठकों के बीच भी समान रूप से लोकप्रिय हैं। उन्होंने उपन्यास, कहानी, निबन्ध और कविता—साहित्य के सभी अंगों को अपनी कृतियों से समृद्ध किया है। कहानी में हल्के-से व्यंग्य और हास्य का पुट देना 'वनफूल' की विशेषता है। विभिन्न विषयों की साठ के लगभग पुस्तकें वे अब तक लिख चुके हैं, पर उनका साहित्यिक यश सर्वाधिक उपन्यासकार के रूप में ही है।
जो नॉवेल मैं आप तक पहुँचा रहा हूँ, उसका नाम 'शिकारी' है, जो उनके लोकप्रिय उपन्यास 'भुवन सोम' का अनुवाद है। मेरी इस कड़ी मेहनत को अपना प्यार ज़रूर दें और इस बेहतरीन नॉवेल का आनंद लें!

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