23 साल का सफर, 15,000 कॉमिक्स और माता-पिता का अटूट विश्वास!

 

"यह वीडियो सिर्फ मेरे कलेक्शन की झलक नहीं है, बल्कि मेरी ज़िंदगी की सबसे अनमोल याद है।
 जब मेरे पास 15,000 कॉमिक्स का यह खजाना देख कर घर पर रिपोर्टर्स आए थे, तब पापा ने बड़े 
गर्व और जोश में इन्हें 'लाखों' कह दिया था। आज मम्मी-पापा दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन 
उनका वो आशीर्वाद और वो खुशी इस वीडियो में हमेशा के लिए कैद है। यह ब्लॉग उन्हीं की यादों 
और इस 'पागलपन' को समर्पित है।"

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