Saturday, May 19, 2012

MCK(S)-9-छम्मो रानी और कंजूस बनिया


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"छम्मो रानी और कंजूस बनिया "
मनोज कॉमिक्स के एक ऐसी कॉमिक्स जो की मेरे पास नहीं है और हमारी जानकारी में सिर्फ सागर जी के पास है और उनके देने पर मैंने ये कॉमिक्स स्कैन की है , कॉमिक्स को लिखा है "विमल चटर्जी" जी ने जो की कॉमिक्स की दुनिया के सबसे बेहतर लेखक मने जाते है, पर ये कॉमिक्स पढने के बाद सिर्फ निराशा ही हाथ लगती है ३२ पन्नो की ये कॉमिक्स तीन कहानियों से भरी है और पहली कहानी को छोड़ कर बाकी कोई भी कहानी विमल जी की नहीं हो सकती क्योंकि बाकी दोनों कहानिया पंचतन्त्र से ली गयी है जिसे अमर चित्रकथा में बहुत पहले ही छापा जा चुका था. और उन्ही कहानीयों को दुबारा पढने में कोई मज़ा नहीं है अब तो ये कॉमिक्स मुझे मिल जाये तो मै ले लूँगा संग्रह में नहीं है इसलिए पर यदि ये उस समय खरीदने की बात होती जब ये छापी गयी थी तो मै इससे कभी भी नहीं लेता कहानी के लिहाज़ से ये कॉमिकस बेकार है . .

Friday, May 18, 2012

MCK(S)-39-भटकती - आत्मा


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भटकती - आत्मा
राम रहीम सिरीज़ की सबसे बेहतरीन कॉमिक्स में से एक. भटकती आत्मा सिरीज़ तीन कॉमिक्स की सिरीज़ थी
१- भटकती आत्मा
२-आत्मा का प्रतिशोध
३-खूनी हवेली
ये सिरीज़ जब स्कैन हवी थी तब मै कॉमिक्स की डिजिटल दुनिया में नहीं आया था. और तब शायद ज्यदा लोगो के पास भटकती आत्मा कॉमिक्स नहीं थी सिर्फ अनुज जी के पास ये कॉमिक्स थी जिसके शुरु के ४ पन्ने ख़राब थे. और जैसा की चलन है की जितनी भी कॉमिक्स है उसे अपलोड कर दिया जाये और ऐसा ही हुवा. जब मैंने पहली बार ये कॉमिक्स डाऊनलोड की थी तब मेरे पास भी ये कॉमिक्स नहीं थी. और जब ये कॉमिक्स मिली तो उसके पहले चार पन्ने ऐसे नहीं थे की उन्हें स्कैन कर सकू.और ये कॉमिक्स आज तक शुरु के चार ख़राब पन्नो के साथ अपलोड है. फिर सागर भाई से बात हुवी और वो भटकती आत्मा कॉमिक्स लाने को तैयार हो गए. और मैंने बाकि के चार पन्ने फिर से स्कैन करके फिर से अपलोड कर दिया है और यहाँ पर उसका लिंक दे रहा हूँ जिससे आप सब पूरी कॉमिक्स डाऊनलोड कर सके.

क्योंकि इसकी दूसरी और तीसरी कॉमिक्स पहले से अपलोड है इसलिए उनके लिंक मै यहाँ दे रहा हूँ जिससे नए डाऊनलोडर इस सिरीज़ का मज़ा पूरी तरह से उठा सके

२-आत्मा का प्रतिशोध
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३-खूनी हवेली
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गंगा चित्रकथा-71- आ बैल मुझे मार


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गंगा चित्रकथा
इसकी शायद ये ५ वी कॉमिक्स रही होगी मेरे पास ऐसा क्यों है की कुछ पब्लिकेशन की कॉमिक्स मेर पास न के बराबर ही है, जहाँ तक मुझे याद पड़ता है की बचपन में कॉमिक्स खरीदने के लिए पैसे बहुत ही कम मिलते थे , और उन पैसों से तो महीने की चार कॉमिक्स खरीदना भरी पड़ता था. और किराये पर पढना ही बेहतर रहता था. किराये पर पढने की सबसे ख़राब बात थी की वो जो कॉमिक्स लाता था आप को उसमे से ही पढनी पड़ती थी और जहाँ तक मुझे याद पड़ता है की गंगा चित्रकथा मैंने किसी किराये वाले के यहाँ नहीं देखी. और जब पैसे हुवे तब इस चित्रकथा के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारन अगर कही मिली भी होगी तो मैंने नहीं लिया होगा.
"आ बैल मुझे मार"
कहानी के लिहाज़ से बस ठीक ही है पर हो सकता है कुछ लोगो को ये कहानी बहुत अच्छी लगे . जैसे मोटू- पतलू मुझे बिलकुल पसंद नहीं है पर और लोगो को बहुत ज्यदा पसंद है आप पढ़े और खुद देखे की इसकी कहानी कैसी है

Wednesday, May 16, 2012

MC-1139- कछुवा


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"मनोज कॉमिक्स" को सबसे ज्यादा अगर किसी ने उचयिओं पर पहुचाया था तो वो थे "विमल चटर्जी" और उनकी दी हवी राम-रहीम सिरीज़. और ये सिरीज़ इतनी चली थी की उनकी कॉमिकस चार - पाच पर छपने के बाद भी उनका मिलना बहुत मुश्किल है और मुझे राम-रहीम बहुत ही पसंद थी. पर ९० के दसक में ये सिरीज़ अपना आकर्षण खोने लगी थी. पता नहीं कहाँ कहाँ से भरी- भरकम खलनायक ले आते थे जिनका राम-रहीम से कोई मुकाबला ही नहीं था , कहानी में सिर्फ राम-रहीम का नाम रहता था और कहानी में असली हीरो तो कोई बाबा बन जाते थे, और मै ऐसी कहियों से इतना ऊब गया था की राम -रहीम पढना लगभग बंद कर दिया था, और मुझे ऐसा लग रहा था की राम रहीम बंद ही समझो. फिर आई कॉमिक्स "आकाश का जादूगर" जिससे लिखा था महेंद्र जैन जी ने. और फिर क्या था कहानी में नयापन मिलने लगा और राम-रहीम पहले से भी बेहतर लिखी जाने लगी, इनकी "स्टारो सिरीज़", विलेन सिरीज़ , आदि बहुत ही लाजबाब थी. महेंद्र जैन ने टोटान सिरीज़ लिखी , विनाश सिरीज़ लिखी,सार्क सिरीज़ लिखी और ये सारी सीरीज मुझे बहुत ही पसंद है.

MCK-210-मुर्दा जाग उठा


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मुर्दा बोल उठा
ये कॉमिक्स मुझे सागर भाई की तरफ से भेट है मन तो बहुत कर रहा है की इस कहानी के बारे में बात करूँ पर अगर मै ऐसा करता हूँ तो इस कहानी का मज़ा उनके लिए ख़राब हो जायेगा जिन्होंने अभी तक सारी कॉमिक्स डाउनलोड कर के पढ़ा नहीं है बस इतना कह सकता हूँ की बस अब सरे परदे उठने वाले है और ये पता चलने वाला है की चोर कौन है और वो चोरियां क्यों कर रहा है और इन सब का अंत क्या होने वाला है पढ़े और इस पूरी कहानी का लुफ्त उठाये

MCK-206-मै हूँ अफलातून


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"मै हूँ अफलातून"
अभी तक आपने पढ़ा की शहर में किस तरह से चोरियां हो रही है और मज़ेदार बात ये है की वो खजाना चोरी हो रहा है जिसका पता उसके मालिक के आलावा की किसी को भी नहीं होता है, और तो और चोरी का शक शहर के सबसे अमीरों में सामिल सेठ के सबसे छोटे भाई पर जाता है . पहला भाग कई अनसुलझे सवाल छोड़ का चला जाता है की जिस पर शक किया जा रहा है क्या वही चोर है या कोई और. पढ़े और आगे कहानी का आनंद लें .

MCK-199-अनोखा चोर


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अनोखा चोर
मनोज कॉमिक्स की एक दुर्लभ सिरीज़, इस सिरेज़ का पहला भाग "अनोखा चोर" दूसरा भाग 'मै हूँ अफलातून" और तीसरा और आखरी भाग "मुर्दा जाग उठा" विमल चटर्जी की एक और अद्भुत कथा इस सिरीज़ के सिर्फ एक कॉमिक्स मेरे पास है और वो है "जाग उठा मुरदा " और इसका सिर्फ एक भाग पोस्ट करना इस महान कथा के साथ इन्साफ नहीं होता ये कॉमिक्स मोहित भाई ने पोस्ट किया था जिसे मैंने एडिट करके यहाँ पोस्ट किता जिससे आप इस पूरी सिरीज़ का आनंद ले सके.

Tuesday, May 15, 2012

पवन कॉमिक्स- टॉर्च के जिन्न


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टॉर्च के जिन्न
अभी तक हमने चिराग का जिन्न तो सुना था पर टॉर्च का भी जिन्न होता है ऐसा तो पहली बार सुना. पवन कॉमिक्स की ये दुर्लभ भेट है ये कॉमिक्स सुखीराम और दुखीराम सिरीज़ की जो की बहुत अच्छी कॉमिक्स बनी है. जैसे चिराग का जिन्न अपने आका की मदद करता है वैसे ही टॉर्च का जिन्न भी अपने आकावों की खूब मदद करता है. कहनी पढने के बाद हँसते हुवे संपनो की दुनिया की सैर करना बहुत की अनोखा लगता है. बचपन से ले कर आज तक कई बार मेरे मन में ये आशा पनपती है की काश ये जिन्न और उसका चिराग मेरे पास होता,पर मै दुनिया है बहुत भला कर चुका होता . पर सपने तो सपने होते है. आप भी इस अनोखी कॉमिक्स को पढीये और जादू की दुनिया में खो जाईये.

Monday, May 14, 2012

भूतों का बाप


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भूतों का बाप
नाम से लगता है की अब प्रोफेस्सर प्रेमनाथ क्या करने वाले होंगे , इस कॉमिक्स का पहला भाग "भूत मशीन" मैंने ३ महीने पहले स्कैन किया था , दूसरी कॉमिक्स "भूतों का निर्माता" लगभग उसी महीने स्कैन कर दिया था , पर इस कॉमिक्स का तीसरा भाग "भूतों का शंशाह" ,जो की मेरे पास नहीं है , उसके इंतज़ार में ये कॉमिक्स अब जा कर भारी मन से स्कैन किया है ,अगर इसका तीसरा भाग किसी को पास मिल जाता और वो स्कैन कर देता तो इस बेहतरीन सिरीज़ का मज़ा ही आ जाता, पर जो नहीं है उसको छोड़ कर आगे बढ़ना ही जिन्दगी है ये सिरीज़ बहुत ही बेहतर बनी है , इसके बाकी कॉमिक्स मेरे पास है जो की मै टाइम से स्कैन कर ही दूंगा, हाँ मै ये अनुरोध जरुर करूँगा की अगर किसी को इसका तीसरा भाग "भूतों का शंशाह" हो या मिल जाता है , तो वो उसे जरुर स्कैन करे और यदि कोई वो कॉमिक्स मुझे दे सके तो बात ही क्या होगी , उम्मीद ही नहीं पूरा यकीन है की ये कॉमिक्स आप सब को जरुर पसंद आएगी.

Sunday, May 13, 2012

MCK-86-जासूस बन्दूक वाला और अन्तरिक्ष का मेहमान


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देव नदकरनी जी की मेरी जानकारी में ये पहली कॉमिक्स आई है कार्टून चित्र मुझे कभी भी अपनी तरफ खीच नहीं पाए. इस कारण ये कॉमिक्स मेरे पास अभी कुछ दिन पहले ही आई है. और सच कहूँ तो अभी तब इस कॉमिक्स तो पढ़ा तक नहीं इसलिए इस की कहानी कैसी होगी उसके बारे में कुछ भी कहना इस कहानी के साथ इन्साफ नहीं होगा. इसलिए इसकी कहानी के बारे में कुछ न कह कर इसके चित्रों के बारे में बात करूँगा . कार्टून चित्र है ( जो मुझे नहीं पसंद है ) पर देखने में साफ और सुन्दर बने है और ये मनोज कॉमिक्स के सुनहरे दौर की कॉमिक्स है इसलीये कहानी की भी अच्छी होने की पूरी उम्मीद है बाकि आप सब पढ़कर इस बारे में अपनी राय से मुझे अवगत करवाएं.